PM PRANAM Yojana 2026: किसानों के लिए वरदान, रासायनिक खाद पर निर्भरता होगी कम
PM PRANAM Yojana 2026 क्या है?
PM PRANAM का पूरा नाम PM Programme for Restoration, Awareness Generation, Nourishment and Amelioration of Mother Earth है। इस योजना को केंद्र सरकार ने 28 जून 2023 को मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना का फोकस किसानों को सीधे नकद सहायता देना नहीं है, बल्कि राज्यों को प्रोत्साहन देकर टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करना है।
विषय सूची
- PM PRANAM Yojana 2026 क्या है?
- योजना का उद्देश्य
- PM PRANAM का पूरा नाम
- योजना की मुख्य विशेषताएं
- किसानों को मिलने वाले लाभ
- राज्यों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि
- योजना कैसे काम करती है?
- जैविक खेती को बढ़ावा
- पर्यावरण पर प्रभाव
- पात्रता
- आवेदन प्रक्रिया
- आवश्यक दस्तावेज
- योजना की चुनौतियां
- PM PRANAM Yojana 2026 FAQs
- निष्कर्ष

योजना का उद्देश्य
PM PRANAM योजना का मुख्य उद्देश्य है:
- रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग कम करना।
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना।
- जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना।
- कृषि लागत कम करना।
- पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना।
- सरकार पर बढ़ते उर्वरक सब्सिडी बोझ को कम करना।
PM PRANAM Yojana की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | PM PRANAM Yojana |
| शुरुआत | 2023 |
| संबंधित मंत्रालय | रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय |
| लाभार्थी | राज्य, किसान एवं कृषि क्षेत्र |
| उद्देश्य | रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग |
| फोकस | जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरक |
| प्रोत्साहन | बचाई गई सब्सिडी का 50% राज्यों को |
किसानों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
1. मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार
रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। योजना मिट्टी को स्वस्थ बनाने पर जोर देती है।
2. उत्पादन क्षमता में वृद्धि
संतुलित पोषण मिलने से फसलों की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रहती है।
3. खेती की लागत में कमी
जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से किसानों का खर्च कम हो सकता है।
4. पर्यावरण संरक्षण
भूमि, जल और वायु प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलती है।
5. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
योजना प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देती है।
राज्यों को कैसे मिलता है लाभ?
यदि कोई राज्य रासायनिक उर्वरकों (यूरिया, DAP, NPK, MOP आदि) की खपत को पिछले तीन वर्षों के औसत की तुलना में कम करता है, तो उस बचत से हुई उर्वरक सब्सिडी का 50% हिस्सा केंद्र सरकार उस राज्य को अनुदान (Grant) के रूप में देती है।
योजना कैसे काम करती है?
- राज्य रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के लिए अभियान चलाते हैं।
- किसानों को जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाता है।
- उर्वरक उपयोग का डेटा Integrated Fertilizer Management System (iFMS) के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाता है।
- बची हुई सब्सिडी की गणना की जाती है।
- बचत का 50% संबंधित राज्य को प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।

जैविक खेती को बढ़ावा
PM PRANAM योजना के अंतर्गत निम्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है:
- जैविक उर्वरकों का उपयोग
- बायो-फर्टिलाइजर
- प्राकृतिक खेती
- फसल चक्र (Crop Rotation)
- माइक्रो इरिगेशन
- मल्चिंग तकनीक
- मिट्टी परीक्षण आधारित खेती
PM PRANAM योजना के 5 सबसे बड़े फायदे
✅ मिट्टी की सेहत में सुधार
✅ रासायनिक खाद पर निर्भरता कम
✅ पर्यावरण संरक्षण
✅ किसानों की लागत में कमी
✅ टिकाऊ कृषि प्रणाली का विकास
पात्रता
यह योजना सीधे व्यक्तिगत किसानों के लिए आवेदन आधारित योजना नहीं है।
- योजना पूरे भारत के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों पर लागू है।
- किसान इसके लाभ अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त करते हैं।
- कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य नहीं है।
आवेदन प्रक्रिया
PM PRANAM योजना के लिए सामान्य किसानों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती।
योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों, कृषि विभागों तथा संबंधित एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। किसान अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करके जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरक कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
क्योंकि यह व्यक्तिगत आवेदन वाली योजना नहीं है, इसलिए केंद्र स्तर पर कोई निर्धारित आवेदन दस्तावेज नहीं हैं। हालांकि राज्य स्तरीय कृषि कार्यक्रमों में निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड
- किसान पहचान पत्र
- भूमि रिकॉर्ड
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
(यह राज्य सरकार के कार्यक्रमों पर निर्भर करता है।)

2026 की स्थिति
सरकार का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है। हालांकि हालिया रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि योजना के तहत राज्यों को प्रोत्साहन वितरण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी है।
FAQs
PM PRANAM का पूरा नाम क्या है?
PM Programme for Restoration, Awareness Generation, Nourishment and Amelioration of Mother Earth.
क्या किसानों को सीधे पैसे मिलते हैं?
नहीं, यह योजना राज्यों को प्रोत्साहन देने पर आधारित है।
योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग और जैविक खेती को बढ़ावा देना।
क्या ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है?
सामान्यतः व्यक्तिगत किसानों के लिए कोई अलग आवेदन प्रक्रिया नहीं है।
निष्कर्ष
PM PRANAM Yojana 2026 भारत की कृषि को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना किसानों को सीधे नकद लाभ देने के बजाय राज्यों को प्रोत्साहित करती है ताकि वे रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करके जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी, उत्पादन क्षमता लंबे समय तक बनी रहेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
